Sunday, September 1, 2019

सूरह यासीन (आयात 1 से 7)


بِسۡمِ اللّٰہِ الرَّحۡمٰنِ الرَّحِیۡمِ
अल्लाह के नाम से शुरू जो निहायत रहम वाला मेहरबान-
یٰسٓ ۚ﴿۱﴾
यासीन
وَ الۡقُرۡاٰنِ  الۡحَکِیۡمِ  ۙ﴿۲﴾
हिकमत वाले क़ुरान की कसम

اِنَّکَ  لَمِنَ  الۡمُرۡسَلِیۡنَ ۙ﴿۳﴾
आप (हुज़ूर सल्लहो अलैहि व सल्लम) बिला शुबहा रसूलो में से एक रसूल है

عَلٰی صِرَاطٍ مُّسۡتَقِیۡمٍ ؕ﴿۴﴾
सीधी राह पर भेजे गए
تَنۡزِیۡلَ الۡعَزِیۡزِ  الرَّحِیۡمِ ۙ﴿۵﴾
इज़्ज़त वाले मेहरबान का उतार हुआ
لِتُنۡذِرَ قَوۡمًا مَّاۤ  اُنۡذِرَ اٰبَآؤُہُمۡ فَہُمۡ غٰفِلُوۡنَ ﴿۶﴾
ताकी तुम उन लोगो को डर सुनाओ जिनके बाप दादा न डराए गए, तो वो बे ख़बर थे
لَقَدۡ حَقَّ الۡقَوۡلُ عَلٰۤی  اَکۡثَرِہِمۡ  فَہُمۡ  لَا یُؤۡمِنُوۡنَ ﴿۷﴾
उन में अक्सर पर बात साबित हो चुकी है तो ये हरगिज़ ईमान नही लाएंगे

जारी है..........

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